Upcoming IPO 2025 के लिए तैयार रहें! जानिए कैसे शेयर बाजार की अस्थिरता और 2024 के IPO फ्लॉप्स के बावजूद Citibank के एक्सपर्ट Rahul Saraf ने बताया अगले साल का प्लान। पढ़ें निवेशकों के लिए ज़रूरी टिप्स और लेटेस्ट मार्केट ट्रेंड्स।
(News Sources: Moneycontrol, Economic Times, Business Standard, Livemint)
पिछले कुछ महीनों से शेयर बाजार में जारी गिरावट ने IPO मार्केट को भी ठंडा कर दिया है। लेकिन Citibank के इनवेस्टमेंट बैंकिंग हेड राहुल सराफ का दावा है कि 2025 में “Upcoming IPO” 2024 से भी ज़्यादा बड़े होंगे! मगर सवाल ये है कि क्या निवेशकों को इस पर भरोसा करना चाहिए? आइए समझते हैं पूरा माजरा…
Upcoming IPO का 2025 प्लान: ₹1.5 लाख करोड़ का पाइपलाइन, पर टाइमिंग पर सवाल?
राहुल सराफ के मुताबिक, अगले 12 महीनों में करीब ₹1.5 लाख करोड़ के IPO मार्केट में आने वाले हैं। ये सभी IPOs पहले से मंजूर हैं या जल्द ही सेबी की गाइडलाइन पास करेंगे। लेकिन, उन्होंने ये भी माना कि बाजार की “नरमी” (volatility) के चलते कंपनियां अपने IPO को 3-6 महीने टाल सकती हैं, खासकर वो जो OFS मॉडल (Offer for Sale) से आ रहे हैं।
OFS वाले IPO क्यों हैं रिस्की?
- OFS में कंपनियों को तुरंत पैसा जुटाने की ज़रूरत नहीं होती।
- निवेशकों को शेयर बेचते हैं मौजूदा प्रमोटर/शेयरहोल्डर्स।
- मार्केट गिरतोड़ होने पर इन्हें टालने में कोई दिक्कत नहीं।
2024 के IPO का हाल: 70% लिस्टिंग प्राइस से नीचे, 45% इश्यू प्राइस से भी गिरे!
2024 में अब तक जितने भी IPO आए, उनमें से 70% आज अपनी लिस्टिंग प्राइस से नीचे चल रहे हैं। वहीं, 45% कंपनियों के शेयर तो इश्यू प्राइस से भी गिरे हैं। यानी निवेशकों को पहले ही घाटा झेलना पड़ा है।
क्यों फ्लॉप हुए 2024 के IPO?
- वैल्यूएशन ऊंचा रखा गया: कंपनियों ने बाजार के उत्साह का फायदा उठाकर शेयर महंगे दामों पर ऑफर किए।
- मार्केट करेक्शन: Nifty और Sensex में 10% से ज़्यादा गिरावट ने IPO की डिमांड कम कर दी।
- FIIs का एक्सिट: विदेशी निवेशकों ने भारतीय मार्केट से पैसा निकाला, जिससे लिक्विडिटी प्रभावित हुई।
सरकारी कंपनियों का क्या होगा? “नई लिस्टिंग नहीं, डिसइन्वेस्टमेंट पर फोकस”
सराफ ने कहा कि सरकार इस साल नई लिस्टिंग से ज़्यादा अपनी हिस्सेदारी बेचने (disinvestment) पर ध्यान देगी। कारण? ज़्यादातर बड़ी PSUs जैसे ONGC, SBI, IOC पहले ही लिस्टेड हैं। अब सरकार का लक्ष्य इनमें अपनी स्टेक 51% तक लाना है।
PSU डिसइन्वेस्टमेंट का असर:
- बाजार में सरकारी शेयरों की सप्लाई बढ़ेगी।
- निवेशकों को मिलेंगे सस्ते दामों पर अच्छे डिविडेंड वाले शेयर।
- PSU ETFs में निवेश बढ़ने की संभावना।
निवेशकों के लिए 3 ज़रूरी टिप्स: Upcoming IPO में कैसे करें पैसा लगाएं?
- GMP (Grey Market Premium) पर भरोसा न करें: 2024 में GMP के झांसे में आकर निवेशकों ने बड़ा नुकसान उठाया।
- कंपनी का बिज़नेस मॉडल समझें: क्या कंपनी प्रॉफिट में है? कर्ज़ कितना है? पिछले 3 साल का फाइनेंशियल रिकॉर्ड चेक करें।
- लिस्टिंग के बाद बेचने की स्ट्रैटेजी बनाएं: IPO में लॉन्ग टर्म नहीं, शॉर्ट टर्म गेन के लिए निवेश करें।
4 Latest Market Trends: IPO से जुड़ी ताज़ा खबरें
- Paytm के बाद Policybazaar और Zomato भी IPO के बाद लुढ़के (Source: Economic Times): टेक स्टॉक्स पर निवेशकों का भरोसा कम हुआ।
- LIC IPO के बाद सरकार ने 3 PSUs के डिसइन्वेस्टमेंट की घोषणा की (Source: Business Standard): NMDC, BHEL और CONCOR में स्टेक बिक्री होगी।
- Sebi ने IPO के लिए नए नियम लागू किए (Source: Livemint): कंपनियों को अब 1 साल पहले का फाइनेंशियल डिटेल देना होगा।
- Ola Electric और Swiggy के IPO 2025 तक टल सकते हैं (Source: Moneycontrol): मार्केट वोलैटिलिटी के चलते कंपनियां रुकी हुई हैं।
निष्कर्ष: क्या 2025 में IPO मार्केट में मिलेगा मौका?
राहुल सराफ का अनुमान सही है, तो 2025 में Upcoming IPO का सुनहरा दौर आएगा। लेकिन निवेशकों को IPO के पीछे के फंडामेंटल्स, मार्केट सेंटीमेंट और वैल्यूएशन पर गौर करना होगा। सरकारी कंपनियों के शेयर खरीदने का ये सही वक्त हो सकता है। फिलहाल, “Wait and Watch” की स्ट्रैटेजी अपनाएं और अपने पोर्टफोलियो को डायवर्सिफाई करें!
डिस्क्लेमर: यह लेख सिर्फ सूचना देने के लिए है। निवेश से पहले किसी सर्टिफाइड फाइनेंशियल एडवाइजर से सलाह लें।