Nifty 50 Next Analysis: अगले हफ्ते इन 5 फैक्टर्स से भारतीय शेयर बाजार में उठेगा तूफान?

Satyendra Verma
Satyendra Verma

Nifty 50 next analysis: जानिए कैसे FOMC बैठक, FII outflow, और ग्लोबल डेटा इस हफ्ते शेयर बाजार को प्रभावित करेंगे। Auto, Pharma, Realty सेक्टर में गिरावट और निवेशकों की रणनीति यहां पढ़ें

News Sources:

  1. US Fed FOMC Meeting Impact on Indian Market
  2. FII Outflows & Global Trends
  3. Technical Analysis of Nifty 50
  4. Sectoral Performance & Rupee Trends

Nifty 50 Analysis

पिछले हफ्ते भारतीय शेयर बाजार ने 2.5% की भारी गिरावट देखी, जो पिछले 8 हफ्तों में सबसे बड़ा झटका था। ऑटो, फार्मा, मेटल और रियल्टी सेक्टर में बिकवाली का दबाव रहा, वहीं निवेशकों का रिस्क लेने का मनोबल भी टूटा। जियोजित फाइनेंशियल के विनोद नायर के मुताबिक, “कंपनियों के कमजोर नतीजों और ग्लोबल अनिश्चितता ने मार्केट को डरा दिया है।” अब सवाल ये है कि अगले हफ्ते क्या होगा? चलिए, Nifty 50 next analysis के साथ समझते हैं मार्केट के लिए अहम होने वाले 5 बड़े ट्रिगर्स:


1. FOMC बैठक: क्या अमेरिकी फेड बढ़ाएगा प्रेशर?

अगले हफ्ते FOMC की बैठक ग्लोबल मार्केट के लिए बड़ा इवेंट है। जनवरी में फेड ने ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया था, लेकिन चेयरमैन जेरोम पावेल ने कहा है कि इनफ्लेशन पर कंट्रोल पहली प्राथमिकता है। अगर फेड ने रेट कट का संकेत नहीं दिया, तो डॉलर और बॉन्ड यील्ड बढ़ने से FII का भारतीय बाजार से पैसा निकालना जारी रह सकता है ।


2. यूक्रेन-रूस बातचीत: क्या मिलेगी शांति की उम्मीद?

सऊदी अरब में होने वाली यूक्रेन-रूस वार्ता पर निवेशकों की नजर टिकी है। कोटक सिक्योरिटीज के कायनात चेनवाला कहते हैं, “अगर युद्ध खत्म होने का संकेत मिलता है, तो कच्चे तेल की कीमतें गिर सकती हैं और मार्केट में रिलीफ रैली आ सकती है।” हालांकि, अभी तक किसी ठोस समाधान की उम्मीद कम है


3. ग्लोबल डेटा और Nifty 50 का टेक्निकल ब्रेकडाउन

फरवरी के मैन्युफैक्चरिंग PMI डेटा (अमेरिका, ब्रिटेन, जापान) से मार्केट का मूड तय होगा। भारत में ट्रेड डेफिसिट और फॉरेन एक्सचेंज रिजर्व के आंकड़े भी अहम हैं। टेक्निकली, Nifty 50 अभी 10 और 20 हफ्ते के EMA (एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज) के नीचे फंसा है। एंजेल वन के ओशो कृष्णन के मुताबिक, “22,600 के नीचे ब्रेकडाउन होने पर Nifty 22,400 तक गिर सकता है” ।


4. FII Outflow और रुपये की लड़ाई

FII ने लगातार 8 हफ्तों में ₹69,000 करोड़ से ज्यादा की बिकवाली की है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि जब तक अमेरिकी डॉलर मजबूत है और भारतीय कंपनियों के नतीजे बेहतर नहीं होते, FII का दबाव बना रहेगा। रुपया भी डॉलर के मुकाबले 85 के पार खिसक सकता है, जिससे इंफोसिस, TCS जैसे IT स्टॉक्स पर दबाव बढ़ेगा ।


5. सेक्टर-वाइस टेंशन: Auto, Pharma में क्यों गिरे शेयर?

ऑटो सेक्टर में मांग की कमी और फार्मा में US FDA के सख्त नियमों ने निवेशकों को डराया। रियल्टी सेक्टर तो पिछले हफ्ते 9% गिरकर सबसे बड़ा लूजर रहा। मास्टर ट्रस्ट के पुनीत सिंघानिया कहते हैं, “IT और FMCG में selective खरीदारी हो सकती है, लेकिन बाकी सेक्टर्स में रिस्क ज्यादा है” ।


निवेशकों के लिए सलाह:

  • Short-Term Traders: Nifty 50 के 23,300-23,100 के रेजिस्टेंस जोन पर बिकवाली करें।
  • Long-Term Investors: IT और FMCG में डिप्स पर खरीदारी का मौका देखें।
  • Watchlist: TCS, Infosys के नतीजे और RBI का रुपया बचाने का अगला कदम।

कुल मिलाकर, अगले हफ्ते मार्केट वोलैटिलिटी से भरा रहेगा। Nifty 50 next analysis के लिए 22,600 का सपोर्ट और FOMC के फैसले क्रिटिकल होंगे। समझदारी इसी में है कि रिस्क मैनेज करके ही ट्रेड किया जाए!


  1. US Fed ने ब्याज दरें अपरिवर्तित रखीं – बेंचमार्क रेट 4.25-4.5% के बीच ।
  2. FII ने जनवरी में ₹69,000 करोड़ की बिकवाली की – डॉलर के मजबूत होने से दबाव ।
  3. Nifty 50 का टेक्निकल सपोर्ट 22,600 – एनालिस्ट्स ने चेतावनी दी ।
  4. ऑटो और रियल्टी सेक्टर में भारी गिरावट – मांग और कर्ज की मुश्किलें ।
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